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खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान का 20 नवंबर को धर्मशाला में शुभारंभ, गोमा ने की तैयारियों की समीक्षा

➤ खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान-2026 का 20 नवंबर को धर्मशाला के एचपीसीए मैदान में होगा शुभारंभ

➤ 15 से 30 आयु वर्ग के युवाओं के लिए छह खेलों में उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर होंगी प्रतियोगिताएं

➤ खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने की तैयारियों की समीक्षा, ड्रोन शो, लेजर शो और सांस्कृतिक संध्या का भी होगा आयोजन


धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश में युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने, खेल प्रतिभाओं को निखारने तथा चिट्टा एवं अन्य नशों के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले “खेलो हिमाचल-चिट्टा मुक्त अभियान-2026” की तैयारियों को लेकर बुधवार को एचओसीए स्टेडियम धर्मशाला में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आयुष, युवा सेवाएं एवं खेल तथा कानून मंत्री यादविंदर गोमा ने की। बैठक में अभियान के शुभारंभ की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा आयोजन से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

यादविंदर गोमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देशानुसार प्रदेश के युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने तथा उनकी प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करने के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखकर खेलों एवं सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, स्वस्थ समाज और नशामुक्त हिमाचल के निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों से सामूहिक सहयोग का आह्वान किया।

गोमा ने कहा कि खेलो इंडिया कार्यक्रम की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में पहली बार इस तरह का व्यापक खेल आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार अब छह खेलों को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया जा रहा है तथा अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की जा रही हैं। खेल गतिविधियों के माध्यम से चिट्टा एवं अन्य नशों के विरुद्ध जागरूकता का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का शुभारंभ 20 नवंबर को हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के मैदान में किया जाएगा। इस दौरान ड्रोन शो, लेजर शो के साथ ही नामी कलाकारों की सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा नशे से दूर रहने का संदेश देने के लिए किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेशभर से अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि अभियान के तहत खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उपमंडल, जिला और राज्य स्तर पर किया जाएगा। उपमंडल स्तर पर गांव एवं पंचायत स्तर से प्रतियोगिताओं की शुरुआत होगी। इसके बाद विजेता टीमें जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी। इसमें 15 से 30 आयु वर्ग के युवाओं के लिए वालीबॉल, क्रिकेट तथा कबड्डी के साथ अन्य खेलों का आयोजन किया जाएगा। उपमंडल, जिला और प्रदेश स्तर पर प्रत्येक खेल श्रेणी में विजेता टीम को पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी।

बैठक के उपरांत यादविंदर गोमा ने समस्त अधिकारियों सहित एचपीसीए स्टेडियम के आयोजन स्थल का निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर धर्मशाला के पूर्व मेयर देवेंद्र जग्गी और पार्षद अनुराग भी उपस्थित रहे।

बैठक में उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक कांगड़ा कुलभूषण वर्मा, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के निदेशक शिवम प्रताप सिंह, नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त जफर इकबाल, संयुक्त आयुक्त चंद्रवीर सिंह, एएसपी संजीव चौहान, एसडीएम धर्मशाला मोहित रतन, जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी रवि शंकर सहित विभिन्न जिलों के डीवाईएसओ और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

खेल और नशामुक्ति: क्यों जरूरी है यह पहल

खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास पैदा करते हैं और उन्हें खाली समय में गलत संगत व नशे की ओर जाने से बचाते हैं। गांव और पंचायत स्तर से शुरू होने वाली प्रतियोगिताएं ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे आने का मौका देंगी। नियमित खेल गतिविधि से मानसिक तनाव घटता है और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, जो नशे के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच माना जाता है।

युवाओं और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह

15 से 30 आयु वर्ग के इच्छुक युवा अपने क्षेत्र की पंचायत या खेल विभाग के कार्यालय से प्रतियोगिता की पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी लेते रहें और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें। अभिभावक बच्चों को खेल मैदान से जोड़ें और उनके व्यवहार में आने वाले किसी भी असामान्य बदलाव पर संवाद करें। नशे की किसी भी जानकारी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को दें।